Gujarat Dholera Smart City

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अहमदाबाद, 3 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद से लगभग 109 किलोमीटर की दूरी पर स्थित धोलेरा राज्य का एक प्राचीन बंदरगाह है, जिसे मोदी सरकार के कार्यकाल में राज्य सरकार ने फिर से विकसित करने की योजना बनाई है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कोरिडोर (DMIC) परियोजना के तहत धोलेरा को स्मार्ट सुविधाओं के साथ विकसित किया जाना है, जो भविष्य का आधुनिक शहर होगा। इसमें एक 920 वर्ग किलोमीटर का स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) एक विशाल निवेश क्षेत्र है, जो वैश्विक विनिर्माण और व्यापार केन्द्र के रूप में चुना गया है। इस एसआईआर में 2019 में पूँजीनिवेश में तेजी आई है।

चीनी उद्योगों का बनेगा औद्योगिक पार्क
30 सितंबर को धोलेरा के इस विशेष निवेश क्षेत्र यानी स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीज़न में चीनी उद्योगपतियों ने प्रदूषण रहित और उच्च प्रोद्योगिकी वाले उद्योग शुरू करने का समझौता किया है। इसके लिये चीनी उद्योगपति इस विशेष निवेश क्षेत्र में लगभग 10,500 करोड़ रुपये का पूँजी निवेश करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में इसके लिये गुजरात सरकार, धोलेरा के विशेष निवेश क्षेत्र के स्पेशल पर्पज़ वेहिकल (SPV), धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (DICDL) और चाइना एसोसिएशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज़ (CASME) के बीच मेमोरंडम ऑफ अण्डरटेकिंग (MOU) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के अनुसार चीनी उद्योग संगठन धोलेरा एसआईआर में 10,500 करोड़ रुपये के संभावित पूँजी निवेश के साथ चीनी औद्योगिक पार्क का निर्माण करेगा।

15 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

गुजरात और चीन के बीच दो समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। प्रथम समझौते के अंतर्गत चीनी उद्योग संगठन धोलेरा के विशेष निवेश क्षेत्र में चीनी औद्योगिक पार्क तैयार करेगा और इसमें चीन के लघु तथा मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित होंगे। इन उद्योगों के शुरू होने से इस विशेष निवेश क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15 हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। जबकि दूसरा समझौता गुजरात सरकार के उपक्रम औद्योगिक विस्तार ब्यूरो यानी इंडेक्स्ट-बी और सीएएसएमई के बीच हुआ है। इस समझौते के तहत इंडेक्स्ट-बी राज्य में निवेश के लिये आने वाले चीनी उद्योगपतियों को यहाँ के इंडस्ट्रियल एस्टेट्स, राज्य की विभिन्न औद्योगिक नीतियों और अन्य प्रोत्साहनों के बारे में पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराएगा। ये दोनों समझौते राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में हुए। इन समझौतों पर गुजरात की ओर से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एमके दास तथा सीएएसएमई के इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष वैडोंग यीन ने हस्ताक्षर किये।

ज्ञात हो कि इन एमओयू के अंतर्गत सीएएसएमई इन्वेस्टमेंट ग्रुप धोलेरा एसआईआर को चीनी उद्योगों के लिये मेजर इन्वेस्टमेंट हब के रूप में प्रोत्साहन देगा। दूसरी ओर धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड इसके लिये प्लग एंड प्ले का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा। साथ ही वह चीनी उद्योगपतियों को उनकी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने के लिये आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने हेतु जरूरी अनुमतियाँ दिलाने में भी सहयोग करेगा।

उल्लेखनीय है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2014 में गुजरात का दौरा किया था और इसके बाद 2015 में गुजरात के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने चीन का दौरा किया था। इससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास का वातावरण पैदा होने से चीनी उद्योगपति गुजरात में बड़े पैमाने पर निवेश के लिये प्रेरित हुए हैं। इस एमओयू के चलते चीन के लघु एवं मध्यम उद्योगों को गुजरात में पूँजी निवेश करने का अवसर मिलेगा।

गुजरात में पूँजी निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध

इस मौके पर सीएम विजय रूपाणी ने चीनी प्रतिनिधि मंडल को गुजरात में बड़े पैमाने पर आ रहे प्रत्यक्ष विदेशी पूँजी निवेश (FDI) के बारे में जानकारी दी और कहा कि चीनी उद्योग पति आगामी 2022 तक अपने संयंत्र लगा कर तथा औद्योगिक इकाइयाँ शुरू करके राज्य में उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों का लाभ उठा सकते हैं। रूपाणी ने विश्वास जताया कि इन एमओयू से भारत और चीन के बीच वर्षों पुराने संबंधों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात निवेश का श्रेष्ठ विकल्प तो है ही, साथ ही यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापार सुगमता के अनुकूल अवसर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि केन्द्र सरकार ने देश में उद्योगों के लिये जो रियायतें घोषित की हैं और गुजरात सरकार ने भी सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों के क्षेत्र में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिये जो अन्य सुविधाएँ घोषित की हैं, चीनी उद्योगों को भी उनका लाभ मिलेगा।

चीन की स्टील कंपनी भी लगाएगी धोलेरा में प्लांट

 

इससे पहले इसी साल जनवरी में राज्य सरकार ने राज्य में औद्योगिक पूँजीनिवेश आकर्षित करने के लिये वाइब्रेंट गुजरात नामक समिट का आयोजन किया था। इसमें भी धोलेरा में पूँजी निवेश के लिये बड़े पैमाने पर समझौते हुए थे। चीन की ही स्टील निर्माता कंपनी सीजेंग ने लगभग 3 अरब रुपये का निवेश करने की घोषणा की थी। कंपनी के अध्यक्ष गुआंगदा सेंग ने धोलेरा एसआईआर में भारतीय कंपनी क्रोमनी स्टील के साथ मिलकर पूँजी निवेश करने और धोलेरा में वार्षिक 4 लाख टन की क्षमता का देश का सबसे बड़ा स्टील प्लांट और लिथियम आयर्न बैटरी प्लांट शुरू करने की घोषणा की थी। भारत में बैटरी संचालित ऑटो उद्योग के विकास की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए कंपनी ने धोलेरा में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने का प्लांट लगाने की घोषणा की थी। इससे पहले कंपनी ने 2017 में कच्छ के मुंद्रा में स्टेनलैस स्टील कॉम्प्लैक्स के निर्माण का समझौता किया था, जिस पर काम शुरू कर दिया गया है।

आईआईटी दिल्ली, टोरेंट और एएआई भी करेंगे पूँजी निवेश

इसके अलावा वाइब्रेंट गुजरात समिट में धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी, आईआईटी दिल्ली, एनएचएआई, टोरेंट, गुजरात पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (), सीआरआरसी, नानजिंग पुजेन कंपनी लिमिटेड ने भी एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। इन एमओयू के तहत धोलेरा में आईआईटी दिल्ली की ओर से रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट विकसित किया जाएगा, जिसमें इनोवेटिव प्रोजेक्ट से नॉलेज के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी। टोरेंट धोलेरा में बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिये नेटवर्क विकसित करेगा। एनएचएआई अहमदाबाद और धोलेरा को जोड़ने वाला 100 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे तैयार करेगा। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत यह एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के साथ भी करार हुआ है जो धोलेरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करेगा। इसमें एएआई की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रहेगी, जबकि गुजरात सरकार की 33 और एनआईसीडीआईटी की 16 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।